विस्तृत सिद्धांत, सूत्र, आरेख और स्मृति सहायक।
वृत्त ज्यामिति की सबसे महत्वपूर्ण और सर्वाधिक अध्ययन की जाने वाली आकृतियों में से एक है। कक्षा 9 में आपने वृत्त की मूल परिभाषा और जीवा, त्रिज्या, व्यास, चाप जैसी संकल्पनाओं का अध्ययन किया था। इस अध्याय में हम वृत्त के स्पर्श रेखाओं (tangents) का विस्तृत अध्ययन करेंगे, जो वृत्त के साथ ठीक एक बिंदु पर मिलती हैं।
किसी वृत्त की स्पर्श रेखा वह रेखा है जो वृत्त को केवल एक बिंदु पर स्पर्श करती है। इस बिंदु को स्पर्श बिंदु (point of contact) कहते हैं। स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या हमेशा स्पर्श रेखा के लंबवत होती है। यह वृत्त की स्पर्श रेखाओं का मूल गुणधर्म है।
इस अध्याय में हम वृत्त पर बाह्य बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाइयों की समानता, उनके बीच के कोणों के गुणधर्म तथा वृत्त के बाह्य बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाओं से संबंधित प्रमेयों का अध्ययन करेंगे। ये प्रमेय परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
किसी वृत्त की स्पर्श रेखा वृत्त को ठीक एक बिंदु पर स्पर्श करती है। स्पर्श रेखा के संबंध में निम्नलिखित मूल तथ्य स्थापित किए जा सकते हैं:
कथन: किसी वृत्त की स्पर्श रेखा वृत्त के स्पर्श बिंदु से गुजरने वाली त्रिज्या पर लंब होती है।
अर्थात यदि $AB$ वृत्त की बिंदु $P$ पर स्पर्श रेखा है और $O$ केंद्र है, तो:
$$OP \perp AB$$
इसका विलोम भी सत्य है: वृत्त की त्रिज्या के किसी बिंदु (स्पर्श बिंदु) पर खींचा गया लंब वृत्त की स्पर्श रेखा होता है। इस प्रमेय का प्रयोग अधिकांश प्रश्नों में आधार के रूप में होता है।
महत्वपूर्ण शब्द: - स्पर्श रेखाओं की लंबाई (Length of Tangent): बाह्य बिंदु से स्पर्श बिंदु तक की दूरी। - दीर्घ स्पर्श रेखा (Direct Common Tangent) और अनुप्रस्थ स्पर्श रेखा (Transverse Common Tangent): दो वृत्तों के लिए उभयनिष्ठ स्पर्श रेखाओं के प्रकार।
प्रमेय: किसी वृत्त के बाह्य बिंदु से खींची गई दो स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ बराबर होती हैं।
यदि $P$ वृत्त के बाहर का बिंदु है और $PA$ तथा $PB$ वृत्त की स्पर्श रेखाएँ हैं (स्पर्श बिंदु $A$ और $B$), तो:
$$PA = PB$$
उपप्रमेय: यदि $PA$ और $PB$ वृत्त की बिंदु $A$ और $B$ पर स्पर्श रेखाएँ हैं, तो: - $OP$, $\angle APB$ का कोण समद्विभाजक होता है। - $OP$, $\angle AOB$ का कोण समद्विभाजक होता है। - $\triangle OAP \cong \triangle OBP$ (RHS सर्वांगसमता से)।
इस प्रमेय के कारण बाह्य बिंदु से खींची गई दो स्पर्श रेखाएँ हमेशा समान लंबाई की होती हैं, चाहे वृत्त का आकार कैसा भी हो।
किसी त्रिभुज की तीनों भुजाओं को स्पर्श करने वाले वृत्त को उस त्रिभुज का अंत:वृत्त कहते हैं। अंत:वृत्त का केंद्र त्रिभुज के तीनों कोणों के समद्विभाजकों का प्रतिच्छेदन बिंदु होता है। अंत:वृत्त की त्रिज्या को अंतःत्रिज्या (inradius) कहते हैं।
त्रिभुज $ABC$ में, यदि $AB = c, BC = a, CA = b$ हों, तो अर्धपरिमाप:
$$s = \frac{a + b + c}{2}$$
अंतःत्रिज्या $r$ और क्षेत्रफल $\Delta$ में संबंध: $\Delta = rs$।
अंत:वृत्त की त्रिज्या ज्ञात करने के लिए स्पर्श रेखाओं की लंबाई के गुणधर्म का प्रयोग किया जा सकता है, जहाँ प्रत्येक भुजा दो स्पर्श खंडों में विभाजित होती है।
इन गुणधर्मों का उपयोग करके स्पर्श रेखाओं और जीवाओं से संबंधित जटिल समस्याओं को सरल किया जा सकता है।
किसी वृत्त के बाह्य बिंदु $P$ से दो स्पर्श रेखाएँ खींचने की रचना:
इस रचना में थेल्स प्रमेय के अनुसार $\angle OAP = 90^\circ$, अतः $PA$ स्पर्श रेखा है। इसी प्रकार $PB$ भी स्पर्श रेखा है।
| गुणधर्म | कथन |
|---|---|
| लंबता | स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब होती है |
| विलोम | त्रिज्या पर लंब खींची गई रेखा स्पर्श रेखा होती है |
| लंबाई समानता | बाह्य बिंदु से दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाई बराबर होती है |
| संख्या | बाह्य बिंदु से 2, वृत्त पर 1, अंदर से 0 |
| प्रमेय | निष्कर्ष |
|---|---|
| स्पर्श रेखा पर लंब त्रिज्या | $OP \perp AB$ |
| बाह्य बिंदु से स्पर्श रेखाएँ | $PA = PB$ |
| सर्वांगसमता | $\triangle OAP \cong \triangle OBP$ |
| तत्व | परिभाषा |
|---|---|
| त्रिज्या | केंद्र से वृत्त तक की दूरी |
| जीवा | वृत्त पर दो बिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड |
| व्यास | केंद्र से गुजरने वाली सबसे लंबी जीवा |
| चाप | वृत्त की परिधि का कोई भाग |
graph TD
A["वृत्त"] --> B["स्पर्श रेखा"]
A --> C["जीवा और व्यास"]
A --> D["अंत:वृत्त"]
B --> E["त्रिज्या ⟂ स्पर्श रेखा"]
B --> F["PA = PB (बाह्य बिंदु)"]
B --> G["स्पर्श रेखाओं की संख्या"]
C --> H["केंद्र से लंब जीवा को समद्विभाजित करता है"]
D --> I["त्रिभुज की तीनों भुजाओं को स्पर्श करता है"]
D --> J["केंद्र = कोण समद्विभाजकों का प्रतिच्छेदन"]
वृत्त अध्याय में हमने स्पर्श रेखा की परिभाषा, स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या की लंबता, बाह्य बिंदु से स्पर्श रेखाओं की लंबाइयों की समानता तथा अंत:वृत्त की अवधारणा का अध्ययन किया। स्पर्श रेखाओं के ये गुणधर्म कई प्रमेयों का आधार हैं और परीक्षा में बहुत सामान्य हैं। त्रिज्या की लंबता और स्पर्श रेखाओं की समान लंबाई के गुणधर्म को सदैव याद रखना चाहिए। इस अध्याय के प्रमेयों की सिद्धि और अनुप्रयोगों का अभ्यास करके पूर्ण अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।